AM Post-54 Rembrance and currency It is eight times more important for a person to earn currency in life than it is necessary for a person to earn the name of Sadguru i.e. God. Livelihood is achieved by earning currency and by earning the name of Sadguru i.e. God one gets inner happiness and joy. Along with survival, inner happiness and joy are also necessary for a human being. ‘Nimit’ 1. Please visit my website https://www.aamilmission.com for more information and beneficial result. 2. Please recommend my website https://www.aamilmission.com to your friends, relatives and familiars for their benefits Thanks very much.
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Book-My Second chance हमारे विचार से जो इन्सान अर्श से फ़र्श तक गिरता जाता है, उसका वह स्वयं ही कारण, जिम्मेदार और समाधान है। हमारी यह प्रार्थना और हमारी यह पुस्तक ‘माय सेकण्ड चांस’ ही उस इन्सान के समाधान का एक प्रयास है। एक बार अर्श से फ़र्श पर गिरकर दोबारा उठकर चलने यानि प्रयास करने का नाम ही ‘माय सेकण्ड चांस’ है। यही मेरी पुस्तक के टाइटल ‘माय सेकण्ड चांस’ का मतलब है। a. मेरी यह अभ्यास पुस्तक ‘रिक्त स्थान भरने के स्टाइल में है’ जिसका इन्सान को छयासठ दिन निरन्तर अभ्यास करना है। क्योंकि इंसान को अपने संस्कार, स्वभाव, आदतें, चरित्र, सोच-विचार, लक्ष्य, रोलमॉडल, निर्णय, वचन, टोन, कर्म, व्यवहार और आचरण में परिवर्तन होने पर लगने वाले समय में छयासठ दिन का समय लगता है। इसके लिए छयासठ दिन तक अभ्यास (प्रतिदिन तीस मिनट) करने के लिए दो पुस्तकों की जरूरत पड़ती है। b. प्रश्न यह उठता है कि मनुष्य को फर्श से अर्श पर जाने में कितना समय लगेगा। यह मनुष्य मनुष्य पर निर्भर करता है। साथ-साथ उस मनुष्य के संस्कार, स्वभाव, आदतें, चरित्र, सोच-विचार, लक्ष्य, रोलमॉडल, निर्णय, वचन, टोन, कर्म, व्यवहार और आचरण में परिवर्तन होने पर लगने वाले समय पर परिणाम निर्भर करता है। जिस तरह किसी भी प्राणी को धरती पर आने के लिए कम से कम बारह दिन का (ओपोसम) और अधिक से अधिक 23 महीने का (हाथी) को समय लगता है। किसी पौधे को भी पेड़ बनकर फल देने में भी कम से कम तीन साल का समय लगता है। इतना समय तो हर मनुष्य को अपने प्रयासों अनुसार परिणाम मिलने में मान लेना चाहिए। c. प्रार्थना का मैटेरियल और दो पुस्तकों (एक पुस्तक पृष्ठ संख्या 276) का सेट तो दुनियाँ के सभी धर्म, जाति, वर्ण, क्षेत्र, भाषा, रँग और लिंग आदि आदि के आठ सौ करोड़ इन्सानों को बिना किसी भेदभाव के आपको केवलमात्र कुरियर चार्जेज पर यानि रुपये 200/- पर हमारी वेबसाइट www.aamilmission.com पर जाकर आर्डर देने पर दो पुस्तकों का सैट कूरियर द्वारा आपके घर पहुँच जायेगा। 'कृष्ण कक्कड़ ‘निमित्त'
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