AM Prayer-10 जब आप सुबह उठते है तो फ्रेश होकर नित्य कर्म करने के बाद दसवीं प्रार्थना यह करनी है। नोट: प्राणायाम करते हुए सद्गुरु ॐ का उच्चारण करने के बाद ‘सद्गुरु’ नाम के ग्यारह प्राणायाम करने है। मेरे सद्गुरु परमात्मा सचसँग तेरे रहमों कर्म दया-कृपा से मैं सन - - - - में इस दुनियां में आया था। तेरे रहमों कर्म दया-कृपा से मैं संतुलित नज़रिया, खुशी, स्वास्थ्य, शक्ति, धनाढ्यता, सफलता, स्वस्थ दीर्घायु, जिज्ञासा से परिपूर्ण जिन्दगी जीता हुआ मेरा सही समय आने पर इस दुनियां को छोड़कर तुझ निराकार सद्गुरु परमात्मा से एकाकार होने के लिये आ जाऊंगा, ऐसी मेरी तुझसे प्रार्थना है। मैं तो बस तेरी चरण शरण हूँ। नोट: इसके बाद प्राणायाम करते हुए सद्गुरु ॐ का उच्चारण करने के बाद ‘सद्गुरु’ नाम के ग्यारह प्राणायाम करने है। निमित्त Visit my website www.aamilmission.com
AM-Prayer 4 जब आप सुबह उठते है तो फ्रेश होकर नित्य कर्म करने के बाद चतुर्थ प्रार्थना यह करनी है। नोट: प्राणायाम करते हुए सद्गुरु ॐ का उच्चारण करने के बाद सद्गुरु नाम के ग्यारह प्राणायाम करने है। मेरे सद्गुरु परमात्मा सचसँग तूँ शरणागत वत्सल है और मैं तेरी शरणागत। एहसास आधारित तेरे शून्य स्वरूप को मैं दण्डवत प्रणाम करता हूँ। शरणागति के सिद्धान्त अनुसार एहसास आधारित मुझे अपने चरणों से उठाकर अपने सीने से लगा लो। मेरे सिर पर अपना वरदहस्त रख दो। अब मेरा तन, इन्द्रियाँ, प्राण, मन और मस्तिष्क के माध्यम से तेरे साथ सम्बन्ध है और तेरा मेरे साथ। तेरे साथ इस सम्बन्ध के नाते तेरी मेरी एक ही बात है। अब मैं शेष जिन्दगी तेरे लिए, तेरे यानि मेरे आध्यात्मिक और संसारिक जीवन के लक्ष्यों को साधना, प्रेयर और पुरुषार्थ के साथ साथ सिमरण करते हुए पाने के लिए एवं तेरे दिये कामकाज को शत प्रतिशत क्षमता से एकाग्रतापूर्वक पूरा करने के लिए व्यतीत कर रहा हूँ। मैं तो बस तेरा बहुत बहुत शुक्रगुज़ार हूँ, बहुत बहुत आभारी हूँ। फलस्वरूप मेरा आज का दिन मेरे बीते कल के अच्छे दिन से बहुत बेहत्तर है। मेरा आने वाला कल मेरे आज के बहुत बेहत्तर दिन से बहुत ज्यादा बढ़िया होगा। यही मेरी साधना, प्रेयर और पुरुषार्थ के साथ साथ सिमरण का परिणाम है यानि मेरी किस्मत है। अपनी इस किस्मत से मैं हर पल, हर हाल और हालात में खुश और सन्तुष्ट रहते हुए सकूं, शांति और आनन्दपूर्वक जीवन व्यतीत करता रहता हूँ। मैं तो बस तेरी चरण शरण हूँ। नोट: इसके बाद प्राणायाम करते हुए सद्गुरु ॐ का उच्चारण करने के बाद सद्गुरु नाम के ग्यारह प्राणायाम करने है। निमित्त Visit my website www.aamilmission.com
AM Prayer-9 ਜਦੋਂ ਤੁੱਸੀ ਸੁਬਹ ਉੱਠਦੇ ਹੋ ਤੋਂ ਫਰੈਸ਼ ਹੋਕਰ ਨਵੀਂ ਪ੍ਰਾਰਥਨਾਂ ਇਹ ਕਰਣੀ ਹੈ। ਨੋਟ: ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਦਗੁਰੂ ਓ ਦਾ ਉੱਚਾਰਣ ਕਰਨੇ ਦੇ ਬਾਅਦ ‘ਸਦਗੁਰੂ’ ਨਾਮ ਦੇ ਗਿਆਰਹ ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਕਰਨੇ ਹਨ। ਮੇਰੇ ਸਦਗੁਰੂ ਪਰਮਾਤਮਾ ਸਚਸੰਗ ਤੇਰੇ ਯਾਨਿ ਮੇਰੇ ਰਹਿਮੋ ਕਰਮ ਦਯਾ ਕ੍ਰਿਪਾ ਸੇ ਮੈਂ ਗਲਤਿਆਂ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਹੂੰ। ਮੇਰੇ ਕੋਲੋਂ ਮੇਰੇ ਆਧਯਾਤਮਿਕ ਔਰ ਸਾਂਸਾਰਿਕ ਜੀਵਨ ਦੇ ਲਕਸ਼ਯੋਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਦੇ ਲਯਿ ਤੇਰੇ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਵਿਚ ਤੇਰਾ ਮਾਧਿਅਮ ਯਾਨਿ ਨਿਮਿੱਤ ਬਨਕਰ ਸਮਯ-ਸਾਰਿਨੀ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਧਿ ਔਰ ਸਫ਼ਲਤਾਪੂਰਵਕ ਏਵੰ ਸੰਤੁਲਿਤ ਨਜ਼ਰਿਆਂਪੂਰਵਕ, ਸਾਧਨਾ, ਪ੍ਰੇਯਰ ਔਰ ਪੁਰੂਸ਼ਾਰਥ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਿਮਰਣ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਗਲਤਿਆਂ ਹੋ ਹੀ ਜਾਂਦਿਆਂ ਹਨ। ਕਿਓਂਕਿ ਮੈਂ ਇਕ ਇਨਸਾਨ ਹੂੰ ਔਰ ਇਨਸਾਨ ਤੋਂ ਗਲਤਿਆਂ ਹੁੰਦਿਆਂ ਹੈ, ਮੈਂ ਭਗਵਾਨ ਨਹੀਂ ਹੂੰ ਜੋ ਮੇਰੇ ਕੋਲੋਂ ਗਲਤਿਆਂ ਨਹੀਂ ਹੋਣ ਗਿਆ। ਇਸ ਲਯਿ ਮੈਂ ਅਪਣੀ ਗਲਤਿਆਂ ਤੋਂ ਸਬਕ ਲੈਂਦੇ ਹੋਏ ਸਫ਼ਲਤਾ ਦੇ ਲਯਿ ਨਏ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਤੇਰੇ ਮਾਰਗਦਰਸ਼ਨ ਵਿਚ ਤੇਰਾ ਮਾਧਿਅਮ ਯਾਨਿ ਨਿਮਿੱਤ ਬਨਕਰ ਸਮਯ-ਸਾਰਿਨੀ ਅਨੁਸਾਰ ਵਿਧਿ ਔਰ ਸਫ਼ਲਤਾਪੂਰਵਕ ਏਵੰ ਸੰਤੁਲਿਤ-ਨਜਰਿਆਂ, ਸਾਧਨਾ, ਪ੍ਰੇਯਰ, ਪੁਰੁਸ਼ਾਰਥ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਿਮਰਣ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਅਪਣੇ ਆਧਯਾਤਮਿਕ ਔਰ ਸਾਂਸਾਰਿਕ ਜੀਵਨ ਦੇ ਲਕਸ਼ਯੋਂ ਨੂੰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹਾਂ। ਅਪਣੀ ਗਲਤਿਆਂ ਪਰ ਪਾਸਚਾਤਾਪ ਨਾ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਮੈਂ ਹਰ ਪਲ, ਹਰ ਹਾਲ ਔਰ ਹਾਲਾਤ ਵਿੱਚ ਸਦਾ ਸਰਵਦਾ ਖੁਸ਼ ਔਰ ਸੰਤੁਸ਼ਟ ਰਹਿੰਦੇ ਹੋਏ ਸਕੂੰ, ਸ਼ਾਂਤੀ ਔਰ ਆਨੰਦਪੁਰਵਕ ਜੀਵਨ ਵਯਤੀਤ ਕਰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹਾਂ। ਨੋਟ: ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਦ ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਦਗੁਰੂ ਓ ਦਾ ਉੱਚਾਰਣ ਕਰਨੇ ਦੇ ਬਾਦ ਸਦਗੁਰੂ ਨਾਮ ਕੇ ਗਿਆਰਹ ਪ੍ਰਾਣਾਯਾਮ ਕਰਨੇ ਹਨ। 'ਨਿਮਿਤ' Visit my website www.aamilmission.com
***FWAP-F207*** *ਚਾਂਦਨੀ ਰਾਤ ਯਾਨਿ ਪੂਰਣਿਮਾਂ ਦੀ ਕਾਮਨਾ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਰਥਨਾਂ* ਅਸੀ ਸਦਗੁਰੂ ਯਾਨਿ ਬੁੱਧ ਯਾਨਿ ਗੌਡ ਯਾਨਿ ਅਲਲਾਹ ਯਾਨਿ ਪ੍ਰ੍ਰਮਾਤਮਾ ਦੇ ਕਿਸੀ ਅਣਯ ਨਾਮ ਜੋ ਹਮ ਸਬਮੇ ਵਿਧਮਾਣ ਹੈ, ਉਸਤੋਂ ਮੁਝ ਸਹਿਤ ਸ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਦੇ ਸਾਰੇ ਬੇਟੇ-ਬੇਟਿਆਂ ਦੇ ਪਰਸਨ, ਮਿਲਣਸਾਰ, ਸਵਸਥ, ਸ਼ਤਾਉ, ਅਮੀਰ, ਸ਼ਕਤਿਸ਼ਾਲੀ, ਤਰਕਸ਼ੀਲ, ਵਿਗਿਆਨਸ਼ੀਲ, ਸੰਤੁਲਿਤ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ, ਪੇਸ਼ੇਵਰ, ਯੋਗਯਤਮ, ਵ੍ਯਵਹਾਰਿਕ, ਸਫਲ, ਸੁਖੀ ਅਤੇ ਭਲੇ ਜੀਵਨ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਕਰ ਅਤਿਵਾਦੀਯੋਂ ਦੇ ਲਯਿ ਚਾਂਦਨੀ ਰਾਤ ਯਾਨਿ ਪੂਰਣਿਮਾਂ ਪਰ ਅਗਲੇ ਪਕਸ਼ ਯਾਨਿ 15 ਦਿਨੋਂ ਦੇ ਲਯਿ ਕਾਮਨਾ ਅਤੇ ਪ੍ਰਾਰਥਨਾਂ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਅਸੀ ਅਤਿਵਾਦੀਯੋਂ ਤੋਂ ਦੁਨਿਆਂ ਦੇ ਸਭਿ ਦੇਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਅਪਣੇ ਧਰਮ ਦਾ ਦੇਸ਼ ਬਣਾਨੇ, ਦੁਨਿਆਂ ਦੇ ਸਭਿ ਲੋਗਾਂ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਧਰਮ ਦਾ ਅਨੁਯਾਯੀ ਬਣਾਨੇ ਅਤੇ ਦੂਸਰੇ ਇਨਸਾਨਾਂ ਉਤੇ ਅਪਣੀ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਲਾਗੁ ਕਰਣ ਦੇ ਲਯਿ ਲੋਭ ਜੇਹਾਦ, ਧੋਖਾ ਜੇਹਾਦ, ਲਵ ਜੇਹਾਦ ਅਤੇ ਦਹਸ਼ਤ ਜੇਹਾਦ ਆਦਿ ਆਦਿ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਨਹੀਂ ਕਰਣ ਦੀ ਵਿਨਤੀ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਅਤੇ ਦੂਸਰੇ ਇਨਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਨ ਸਮਝਣੇ ਦੀ ਨਾ ਕਿ ਜਾਨਵਰ ਸਮਝਣੇ ਦੀ ਵਿਨਤੀ ਕਰਦੇ ਹਾਂ। ਨਾ ਤੋ ਅੱਸੀ ਕਾਫ਼ਿਰ ਹਾਂ ਬਲਕਿ ਇਨਸਾਨ ਹਾਂ ਔਰ ਨਾ ਤੋ ਤੁੱਸੀ ਮਲੇਛ ਹੋ ਬਲਕਿ ਇਨਸਾਨ ਹੋ। ਅਸੀ ਅਤਿਵਾਦੀਯੋਂ ਤੋਂ ਵਿਨਤੀ ਕਰਦੇ ਹਾਂ ਕਿ ਉਹ ਕੁੱਛ ਭੀ ਬਣਨ ਤੋ ਪਹਿਲਾਂ ਇਨਸਾਨ ਬਣੇ ਔਰ ਜਿਯੋ ਔਰ ਜੀਣੇ ਦੋ ਦੇ ਸਨਾਤਨ ਸਿਧਾਂਤ ਦਾ ਪਾਲਣ ਅਤੇ ਅਨੁਸਰਣ ਕਰੇ। ਤਾਕਿ ਦੁਨਿਆਂ ਵਿਚ ਅਹਿੰਸਾ, ਪ੍ਰੇਮ, ਸੇਵਾ, ਸੰਤੋਸ਼, ਆਨੰਦ, ਸਕੂਨ ਔਰ ਸ਼ਾਂਤਿ ਦਾ ਵਾਤਾਵਰਨ ਬਣਾ ਰਹੇ ਜਿਸਤੋ ਇਹ ਦੁਨਿਆਂ ਰਹਿਣ ਦੀ ਖੂਬਸੂਰਤ ਜਗਹ ਯਾਨਿ ਸਵਰਗ ਯਾਨਿ ਹੋਵਣ ਯਾਨਿ ਜਨ੍ਨਤ ਬਣੀ ਰਹੇ। ਕਿਓਂਕਿ ਪਰਮਾਤਮਾ ਨੇ ਸਾਨੂ ਇਨਸਾਨ ਬਣਾਯਾ ਹੈ ਔਰ ਆਪਾਂ ਇਨਸਾਨਾਂ ਨੇ ਉਣਹਾਨੂੰ ਹਿੰਦੂ, ਬੋਧ, ਇਸਾਈ ਔਰ ਮੁਸਲਿਮ ਆਦਿ ਆਦਿ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। 'ਨਿਮਿਤ' Please visit my website www.aamilmission.com
AM Prayer-9 When you get up early in the morning then do this nineth prayer after doing daily routine. Note: Reciting ‘Sadhguru Om’ and doing pranayam and then do eleven pranayam of the word ‘Sadhguru’ Mere Sadguru Paramatma Sachsung Your i.e. mine mercy deeds and clemency grace now I am an effigy of error. I am doing mistakes while doing work as per your medium i.e. cause of you and according to time-table and successfully and with balanced attitudinizes, practice, prayer and efforts along with remembrance to achieve the targets of my spiritual and worldly life. Because I am a human and human does mistakes. I am not a God because God do not do mistakes. So by getting lesson from my mistakes I must do work as per your medium i.e. cause of you and according to time-table and successfully and with balanced attitudinizes, practice, prayer and efforts along with remembrance to achieve the targets of my spiritual and worldly life. By not repenting on my mistakes I must live my liife contently, peacefully and joyfully in all moments, conditions and circumstances. Note: After reciting ‘Sadhguru Om’ and doing pranayam then do eleven pranayam of the word ‘Sadhguru’ ‘Nimit’ Visit my website www.aamilmission.com
AM-LS Post-5 हमने दुनियाँ के सभी आठ सौ करोड़ इन्सानों के धर्म, जाति, वर्ण, क्षेत्र, भाषा, रँग और लिंग के बिना किसी भेदभाव के उनके आध्यात्मिक और संसारिक जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमारी जिन्दगी के कड़वे-मीठे अनुभवों से और साधना के प्रतिफल से कुछ प्रार्थनायें और पुस्तकें तैयार की है। जो इन्सान इस वक़्त अर्श पर है वह तो इन प्रार्थनाओं और पुस्तकों के अभ्यास से अर्श पर ही टिका रहेगा। पर जो इन्सान अपनी गलतियों के कारण, विश्वासी होने से दूसरों के द्वारा दी गई धोखा धड़ियों के कारण और सुअवसरों को ना पहचानकर फ़ायदा ना उठाने की गलतियों के कारण अर्श से फर्श पर आ गया है। वो इन्सान वापस फ़र्श से अर्श तक समय अनुसार जाना शुरू हो जायेगा। जो इन्सान इस वक़्त फ़र्श पर है वह भी इन प्रार्थनाओं और पुस्तकों के अभ्यास से फ़र्श से अर्श की तरफ़ बढ़ना शुरू हो जायेगा। परिणाम का समय इन्सान दर इन्सान उसकी सोच-विचार, लक्ष्य, रोल मॉडल, निर्णय, वचन, कोशिश-कर्म, व्यवहार, आचरण और प्रबंधन के अनुसार अलग अलग लग सकता है एवं उसके संतुलित नज़रिया, साधना, प्रेयर, पुरुषार्थ और सिमरण के अनुसार अलग अलग लग सकता है। ये प्रार्थनायें और पुस्तकें हमारी जिन्दगी के कड़वे-मीठे अनुभवों का और साधना के प्रतिफल का सार है a. प्रार्थना का मैटेरियल और दो पुस्तकों (एक पुस्तक पृष्ठ संख्या 276) का सेट तो दुनियाँ के सभी धर्म, जाति, वर्ण, क्षेत्र, भाषा, रँग और लिंग आदि आदि के आठ सौ करोड़ इन्सानों को बिना किसी भेदभाव के आपको केवलमात्र लागत मूल्य+कुरियर चार्जेज पर यानि रुपये 200/- पर हमारी वेबसाइट www.aamilmission.com पर जाकर आर्डर देने पर दो पुस्तकों का सैट कूरियर द्वारा आपके घर पहुँच जायेगा। अथवा वह मेरे मोबाइल नम्बर 09414090818 पर GPay, Amazon Pay, Paytm and Phonepe अथवा मेरे बचत खाता संख्या 10351202425 fvg. Krishan Kakkar, Branch- Jawahar Nagar, IFSC: SBIN0031591 City, Sri Ganganagar-335001, State, Rajasthan, Country, India पर अंशदान कर सकता है। हमारी वेबसाइट www.aamilmission.com पर जाकर आर्डर देने पर दो पुस्तकों का सैट कूरियर द्वारा आपके घर पहुँच जायेगा। b. अगर इससे बढ़कर कोई इन्सान स्वेच्छा से शिक्षा, चिकित्सा और जरूरतमंद गरीबों के जीवनयापन कार्यों के लिये अंशदान करना चाहता है वह भी अथवा वह मेरे मोबाइल नम्बर 09414090818 पर GPay, Amazon Pay, Paytm and Phonepe अथवा मेरे बचत खाता संख्या 10351202425 fvg. Krishan Kakkar, Branch- Jawahar Nagar, IFSC: SBIN0031591 City, Sri Ganganagar-335001, State, Rajasthan, Country, India पर अंशदान कर सकता है। 'कृष्ण कक्कड़ ‘निमित्त' Please visit my website www.aamilmission.com
AM Prayer-9 जब आप सुबह उठते है तो फ्रेश होकर नित्य कर्म करने के बाद नवीं प्रार्थना यह करनी है। नोट: प्राणायाम करते हुए सद्गुरु ॐ का उच्चारण करने के बाद ‘सद्गुरु’ नाम के ग्यारह प्राणायाम करने है। मेरे सद्गुरु परमात्मा सचसँग तेरे यानि मेरे रहमों कर्म दया-कृपा से मैं गलतियों का पुतला हूँ। मुझसे मेरे आध्यात्मिक और संसारिक जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करते समय तेरा माध्यम यानि निमित्त बनकर समय-सारिणी अनुसार विधि और सफलतापूर्वक एवं संतुलित नज़रियापूर्वक, साधना, प्रेयर, पुरुषार्थ के साथ साथ सिमरण करते हुए गलतियां हो ही जाती है। क्योंकि मैं एक इसांन हूँ और इंसान से गलतियाँ होती ही है। मैं कोई भगवान नहीं हूँ जो मुझसे गलतियाँ नहीं होगी। इसलिये मैं अपनी गलतियों से सबक लेते हुए सफलता के लिये नये सिरे से तेरा माध्यम यानि निमित्त बनकर समय-सारिणी अनुसार विधि और सफलतापूर्वक एवं संतुलित नज़रियापूर्वक साधना, प्रेयर, पुरुषार्थ के साथ साथ सिमरण करते हुए अपने आध्यात्मिक और संसारिक जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करता रहता हूँ। अपनी गलतियों पर पाश्ताताप ना करते हुए मैं हर पल, हर हाल और हालात में सदा सर्वदा खुश और संतुष्ट रहते हुए सकूं, शांति और आनन्दपूर्वक जीवन व्यतीत करता रहता हूँ। नोट: इसके बाद प्राणायाम करते हुए सद्गुरु ॐ का उच्चारण करने के बाद ‘सद्गुरु’ नाम के ग्यारह प्राणायाम करने है। निमित्त Visit my website www.aamilmission.com
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